(भजन) सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्राण है साहस सदा ये मान हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
हम सभी ऋषि वंश के ही वंश है
नींव है प्राचीन नव निर्माण हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्राण है साहस सदा ये मान हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
ज्ञान और पुरुषार्थ है ये सत्य जीवन में
उर्ध्वारोहण निरंतर नित नमनगत से (2)
चिरविजय की कामना ही श्रेय पथ का मर्म है
आर्ष संस्कृति की प्रतिष्ठा हम सभी का धर्म है
ध्येय है पावन चरम उत्कर्ष का
ह्रदय में गुंजित सदा श्रुति गान हो
हम सभी ऋषि वंश के ही वंश है
नींव है प्राचीन नव निर्माण हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्राण है साहस सदा ये मान हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
आचरण है ज्ञान का उत्कर्ष जीवन में
आचरण की श्रेष्ठता हो हर मनुज मन में (2)
आचरण बिन ज्ञान विध्वंश और अभिशाप है
जैसे बिन बाती दिया निष तेज है निषताप है
आचरण के बिन अधूरा ज्ञान है
आचरण ही सत्य स्वाभिमान है
हम सभी ऋषि वंश के ही वंश है
नींव है प्राचीन नव निर्माण हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्राण है साहस सदा ये मान हो
सत्य ही आधार है प्रभु पंथ का
प्रभु पंथ का
प्रभु पंथ का।
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