(भजन)जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूँगी
जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूंगी ।
जहाँ नाथ रख लोगे वहीं मैं रहूंगी ।। 2
जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूंगी।
ये जीवन समर्पित चरण में तुम्हारे,
तुम्ही मेरे सर्वस्व तुम ही प्राण प्यारे।
तुम्हे छोड़कर दाता, तुम्हे छोड़ करदाता
किसे मैं कहूंगी।।
जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूँगी।
न कोई उलाहना, न कोई अर्जी
करलो करालो भगवन जो है तेरी मर्जी
कहना भी होगा तो कहना भी होगा तो तुम्ही से कहूंगी।
जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूँगी।
दयानाथ दयनीय मेरी अवस्था
तेरे हाथ अब मेरी सारी व्यवस्था
जो तुम कहोगे मालिक वही मैं करूँगी।
जहाँ चलोगे भगवन वही में चलूँगी
कहना भी होगा तो तुम्ही से कहूंगी,
जहाँ ले चलोगे भगवन वहीं मैं चलूँगी।
जहाँ नाथ रख लोगे वहीं मैं रहूंगी।।
Comments
Post a Comment