(गीत) ओ३म् ध्वज🚩

 जयति ओ३म् ध्वज व्योम बिहारी।

विश्व प्रेम प्रतिमा अति प्यारी।


सत्य सुधा बरसाने वाला

स्नेह लाता सरसाने वाला

साम्य सुमन विकसाने वाला

विश्व विमोहक भवभयहारी


इसके नीचे बढे अभय मन

सत्पथ पर सब धर्मधुरी जन

वैदिक रवि का हो शुभ उदयन

आलोकित होवें दिशि सारी


इससे सारे क्लेश शमन हो

दुर्मति दानव द्वेष दमन हों

अति उज्जवल अति पावन मन हो

प्रेम तरंग बहें सुखकारी।


इसी ध्वजा के नीचे आकर

ऊंच नीच का भेद भुलाकर

मिले विश्व मुद मंगल गाकर

पंथाई पाखंड बिसारी


इसी ध्वजा को लेकर कर में

भर दें वेद ज्ञान घर-घर में

सुभग शांति फैले जगभर में

मिटे अविद्या की अंधियारी


विश्व प्रेम का पाठ पढ़ावें

सत्य अहिंसा को अपनावें

जग में जीवन ज्योति जगावें

त्याग पूर्ण हो वृत्ति हमारी


आर्य जाति का सुयश अक्षय हो

आर्य ध्वजा की अविचंल जय हो

आर्य जनों का ध्रुव निश्चय हो

आर्य बनावे वसुधा सारी।


जयति ओ३म् ध्वज व्योम बिहारी

विश्व प्रेम प्रतिमा अति प्यारी।

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